यूँ उनका नाम ग़ज़ल की दुनिया में ज़्यादा लोकप्रिय है लेकिन आज सुनिये पिनाज़ मसानी की आवाज़ में एक भजन.
सखी भाव में पगा ये भजन गाने वाली पिनाज़ ने किराना घराने के वरिष्ठ संगीत साधक पं.फ़िरोज़ दस्तूर साहब से
बाक़ायदा क्लासिकल मूसीकी की तालीम ली और उन्हें विदूषी मधुरानी फ़ैजाबादी जैसी गुणी गुरू का सान्निध्य भी मिला.
मधुरानीजी ने पिनाज़ मसानी की आवाज़ की घड़ावन को परखते हुए उन्हें ग़ज़ल की ओर आने के लिये मुतास्सिर किया.
सुरपेटी पर आज बहुत दिनों बाद कुछ सुनाने का मन बना .
आइये बातें कम और सुर ज़्यादा का मान रखते हुए
पिनाज़ मसानी को सुनते हैं.