Thursday, June 18, 2009

पिनाज़ मसानी की आवाज़ में एक सुन्दर भजन

यूँ उनका नाम ग़ज़ल की दुनिया में ज़्यादा लोकप्रिय है लेकिन आज सुनिये पिनाज़ मसानी की आवाज़ में एक भजन.
सखी भाव में पगा ये भजन गाने वाली पिनाज़ ने किराना घराने के वरिष्ठ संगीत साधक पं.फ़िरोज़ दस्तूर साहब से
बाक़ायदा क्लासिकल मूसीकी की तालीम ली और उन्हें विदूषी मधुरानी फ़ैजाबादी जैसी गुणी गुरू का सान्निध्य भी मिला.
मधुरानीजी ने पिनाज़ मसानी की आवाज़ की घड़ावन को परखते हुए उन्हें ग़ज़ल की ओर आने के लिये मुतास्सिर किया.

सुरपेटी पर आज बहुत दिनों बाद कुछ सुनाने का मन बना .
आइये बातें कम और सुर ज़्यादा का मान रखते हुए
पिनाज़ मसानी को सुनते हैं.

4 comments:

RA said...

धन्यवाद संजय दा|पीनाज़ मसानी का गाया भजन पसंद आया|
कभी मधुरानी फ़ैजाबादी के बारे में भी लिखिए, उनके बारे में जानने की उत्सुकता रही है |

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

बहुत सुँदर भजन सुनवाया आभार जी
- लावण्या

दिलीप कवठेकर said...

आपकी सुरीली प्याऊ में कई दिनों के बाद के सूखे के बाद मौसम की पहली सुरमई बारिश के रूप में ये भजन ... धन्यवाद संजय जी.

Bibek Ranjan Basu said...

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